रक्षाबंधन विश्वास और प्यार का प्रतीक है ।
भारतीय हिंदू संस्कृति में विभिन्न त्यौहार धूम-धाम से मनाए जाते हैं और इन सभी त्योहारों का एक अलग महत्त्व भी है । उसी में सावन जैसे पवित्र महीने में आने वाले त्यौहारों में राखी रक्षाबंधन यह एक भारतीय संस्कृति में बड़े ही जोश , जुनून के साथ मनाने वाला त्यौहार है । रक्षाबंधन त्यौहार यह प्राचीन काल से मनाया जाता है । महाभारत काल से इस त्यौहार का प्रचलन माना जाता है ।
सभी रिश्तों में भाई - बहन का रिश्ता यह एक अनोखा और बहुत ही प्यारा रिश्ता माना जाता है । सबसे पवित्र रिश्तें की बात जब भी सामने आती है तो भाई - बहन का रिश्ता हो आँखो के सामने आता है । इसी रिश्तें की खूबसूरती बनाए रखने के लिए रक्षाबंधन यह त्यौहार मनाया जाता है । आधुनिक समय में सभी रिश्तों में परिवर्तन आया है तो यह रिश्ता कैसे छूट सकता है । इसमें परिवर्तन आया तो है । मगर समय के साथ यह त्यौहार मनाने की परंपरा में परिवर्तन आया है मगर इस रिश्ते की गहराई और भी मजबूत हुई है यह खेल ही उच्चित होगा क्यों कि भाग - दौड़ के समय में भी भाई राखी बंधवाने अपने बहन के पास देश के एक कोने से दूसरे कोने तक जाता है । जहाँ आना जाना संभव नहीं इसी जगह बहन राखी पोस्ट से अथवा कुरियर से भेजती है ।
सावन जैसे पवित्र और मन मोहक महीने में यह त्यौहार चार चाँद लगा देता है । भाई बहन की रक्षा के लिए तत्पर हो जाता है । कहाँ जाए तो बहन की राखी भाई के कलाई में होने के बावजूद भी उसकी रक्षा करने का कवच है और भाई भी इसी बंधन में बंधकर बहन की रक्षा रखने की कसम खाता हो । ऐतिहासिक काल वर्तमान तक और वर्तमान से भविष्य के अनंत काल तक यह त्यौहार जीवित रहेगा । कहां जाए तो मानव जाति के अंत तक रक्षाबंधन त्यौहार भाई बहन के प्यार को बांधे रखने के लिए हमेशा अनंत काल तक रहेगा ।
रक्षा बंधन जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार भारत देश में हमेशा बने रहे और जीवित रहने के लिए हर साल यह त्यौहार बहुत से स्कूलों में धूम - धाम से मनाया जाता है । इसका कारण है कि इस त्यौहार का महत्त्व बना रहे और हमेशा त्योहारों की परम्परा बनी रहे । भाई बहन का यह प्यारा सा त्यौहार युवक , बूढ़े , बुजरुक सब मनाते है ।
जीवन की भाग दौड़ में
ठहराव चाहिए ।
भाई के लिए बहन चाहिए
और भाई -बहन के लिए रक्षाबंधन चाहिए ।
इस ' रक्षा + बंधन= रक्षाबंधन कहा जाए तो भाई द्वारा बहन की रक्षा रखने वाला बंधन ही रक्षाबंधन है । यह कोई एक धागा न होकर भाई - बहन के रिश्ते का विश्वास और प्रेम है जो हमेशा बढ़ता रहेगा इसका प्रतीक है । इसी त्यौहार के बजह से बहुत अनजान लोग भी एक जान हो जाते है । इस किसी को भाई नहीं या बहन नहीं वह किसी दोस्त से राखी बंधवाता है या लड़कियां राखी बांधती है । तो अनजान लोग भी एक प्यार भरे रिश्ते में बंध जाते है । यह त्यौहार विश्वास और प्यार का प्रतीक है ।
मारोती गंगासागरे
नांदेड़ महाराष्ट्र से
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