योग का वर्तमान समय में महत्व और उपयोगिता

   
  जागतिक योग दिवस यह 21 जून को मनाया जाता है।  योग का वतमान समय में महत्व और उपयोगिता योग यह केवल एक प्रक्रिया नहीं या एक दिन करने या मनाने की विधि नहीं है। योग को हमें अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाने चाहिए । योग से शारीरिक , मानसिक , लाभ होता है इस बात को स्वीकार करना होगा । 
     आज वर्तमान समय में इंसान तकनीकी जीवन जी रहा है। तकनीकी आवश्यक है ही साथ ही हानिकारक भी है। इसके इस्तेमाल से मानसिक स्वास्थ्य पहले प्रभावित होता है और फिर धीरे - धीरे शरीर प्रभावित होने लगता है। समय रहते हम सचेत होकर नियमित योग करते है तो हमारा स्वास्थ भी ठीक रह सकता है।
    अन्न, कपड़ा , मकान , आरोग्य और शिक्षा यह प्राथमिक आवश्यकताएं है। इन में आरोग्य यह सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता हैं क्यों कि हमारा आरोग्य अच्छा है तो बाकी सब चीजों का हम लाभ ले सकते है। अन्यथा नहीं । योग करने के मानवी जीवन में बहुत से फायदे है यह फायदे निम्नलिखित देखे जा सकते है ।
योग दिवस क्यों मनाया जाता है :-
             वर्तमान समय में यह भागदौड़ का समय है इस समय में इंसान अपने स्वास्थ्य को भूलकर जीवन की रहा है क्यों कि इंसान के पास खुद के लिए समय ही नहीं है । हम समय के साथ चलते - चलते खुद को भी वैसी ही मशीन बनाया है । इस मशीन युग में स्वस्थ और मस्त रहने के लिए साथ शारिक और मानसिक आरोग्य का समतल बनाए रखने के लिए योग आवश्यक है । योग का महत्त्व छात्रों को , इंसान समझ और उसका उपयोग करके जीवन को सुंदर , सुगम और समृद्ध बनाने में उपयोग करे और सदृढ़ शारीरिक संपत्ति हासिल कर सके इस उद्देश्य को साध्य करने के लिए योग दिवस मनाया जाता है।
फायदे  / लाभ :-  योग करने के अनेक लाभ है वह निम्न में.....
 शारीरिक लाभ  :- योग करने से शरीर में बहुत से सकारात्मक परिवर्तन होते है। शारीरिक दुर्बलता , जोड़ो की बीमारी में सुधार , त्वचा रोग , गंजापन से छुटकारा , वैवाहिक जीवन , ऐसे बहुत से लाभ योग करने से मिलते है। इतना ही बहुत सी बीमारियों का इलाज करने में मेडिकल हार गया है वहाँ योग ने जीत हासिल की है।
     नियमित योग करने से शरीर बलशाली , शक्तिशाली सदृढ़ और सुंदर बनने लगता है । योग करना प्रारंभ करने के बाद कुछ ही दिनों में शरीर में बदलाव दिखने प्रारंभ हो जाते है और शारीरिक आरोग्य सुधर कर आप सुखी जीवन जी सकते है । 

मानसिक लाभ :-   शारीरिक संतुलन बिगड़ जाए तो इंसान कुछ दिनों या महीनों में ठीक हो जाता है मगर मासिक आरोग्य बिगड़ने से इंसान जल्दी ठीक नहीं हो सकता । इस मानसिक स्थिति को बनाए रखने के लिए दवाई काम नहीं आती है वहाँ योग ही काम आएगा । इसमें आप मेडिटेशन, ध्यान करके हम मानसिक आरोग्य सुधार सकते है। बहुत से इंसान जिम जाते है। फिटनेस शरीर पाते है मगर मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं कर पाते है और इसी मानसिक स्थिति को सुधारने में बहुत से पैसे भी खर्च करते है मगर वह ठीक होने की कोई शाश्वती नहीं होती है। यदि हम योग को जीवन का हिस्सा बनाते है तो मानसिक स्वास्थ्य बनाए रख सकते है साथ जीवन जीते समय मानसिक शांति का होना काफी महत्वपूर्ण होता है। आप मानसिक रूप से सुखी हैं तो बाकी सभी सुखों का आप लाभ उठा सकते है अन्यथा नहीं क्यों कि जो मिल रहा है, वह स्वीकार करने की आपकी मानसिक सोच भी होनी चाहिए ।
   " नियमित योग अपनाए।
    जीवन को सुंदर बनाए । " 

सकारात्मक जीवन :-   योग को नियमित रूप से करने से आपका मस्तिष्क और विचार परवाह आपके आज्ञानुसार कार्य करने लगते है। साथ ही भावनाएं भी आपके अधीन रह सकती हैं। आप आपकी भावनाओं को कंट्रोल कर सकते हो प्रत्येक बात पर सोचने का समझने का नजरिया भी बदलता है। योग आपके दिनचर्या का हिस्सा बन गया तो आप हमेशा ही खुशी महसूस करते रहेंगे और आपके विचार , भावना सकारात्मक बन कर एक सुखी और समृद्ध जीवन पा सकते हो....
 " खुद को करना है कंट्रोल
      नियमित करो योग " 


सुखी जीवन :- 
       भागदौड़ की युग में इंसान सुखी रहने के लिए क्या कुछ नहीं कर रहा है। बहुत से पैसे खर्च कर रहा है फिर भी वह सुखी जीवन जीने असमर्थ है । मगर आप नियमित योग करते हो तो आपकी सोच , विचार , भावना सकारात्मक बनकर आप निश्चित ही एक सुखी जीवन हासिल कर सकते हो । पैसे से अब खरीदा जा सकता है मगर सुख और खुशी नहीं यह आपके भावनाओं के और दिनचर्या के आधार पर साथ ही आपके व्यवहार पर ही मिल सकता है और यह सब योगा से ही संभव हो सकता है । यहाँ पैसे नहीं आपका समय और खुद की इच्छा होनी चाहिए तो आप निःशुल्क सुखी जीवन हासिल कर सकते हो ।
  एकाग्रता :-  पढ़ाई करने के बाद भी हम असफल , बेरोजगार है क्यों कि पढ़ाई और हमारे धर्य के बारे में हम एकाग्र नहीं रहते हम सोच , विचारों के प्रवाह में ही बह जाते और समय के सफल नहीं हो जाते क्यों कि हमारे अंदर अखंडता नहीं आती अगर आप योग करते हो तो आपकी सोच , विचार परिवर्तित होकर आप खुद को नियंत्रित कर पढ़ाई और धैर्य के लिए एकाग्रता में रहकर आप पढ़ाई में या जो काम कर रहे हो उसमें सफल बन जाते हो इसलिए एकाग्रता का जीवन में होना अनिवार्य है और यह एकाग्रता योग करने से आ सकती है ।

सफल जीवन :- नियमित योग करने से आपकी दिनचर्या में नकारात्मकता नष्ट होकर , आप सकारात्मक रहने लगते हो , खुद की भावनाओं पर विजय पाकर , पढ़ाई में , नौकरी , व्यापार , घर परिवार में एक सफल जीवन बना सकते हैं। 
   खुद पर कंट्रोल तो जीवन सफल यह सिर्फ योगा से ही संभव है। नियमित योगा कीजिए और जीवन सफल , सुगम और समृद्ध बनाए । यही प्रण इस योगा दिन पर अपनाए और सुखी जीवन बनाए ।
      इसी प्रकार योग का वर्तमान समय में महत्व और उपयोगिता है 
लेखक
प्रा . मारोती गंगासागरे 

धन्यवाद 

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