अवधपति! आओ

अवधपति! आओ

हे राम  मुझे  अपना लो।
निज चरणों में बैठा लो।।
        हे    राघव     अन्तर्यामी।
        तुम हो दीनन के स्वामी।।
हे पुरुषोत्तम     योगेश्वर।
तुमसे समस्त सचराचर।।
        जग   की  पीड़ा  के हर्ता।
        तुम सकल कर्म के कर्त्ता।।
तुम हो ब्रह्माण्ड नियंता।
भक्तों - संतों  के  कंता।।
        तुम   प्राणवायु   के   दाता।
        तुम हो विधि और विधाता।।
हे अगम  अगोचर  अक्षय।
जै  जै जै जै जै जय जय।।
       जग में  सुख-शान्ति बनाओ।
       सुन अवध,अवधपति आओ।।
डॉ अवधेश कुमार अवध
8787573644

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