इस साल ऐसी होनी चाहिए शिक्षा

आज कोविड 19 का शिकार सारा विश्व हो गया हैं और इस पर प्रतिबंध करने के लिए लॉगड़ाऊं यह एक ही सबसे अच्छा और बढियाँ नुक्सा आजमाया जा रहाँ हैं | यह कोविड 19 से बचने का इलाज हैं मगर सरकार और जनता के सामने सबसे बड़ा सवाल यह हैं कि इस साल का शैशिक वर्ष किस तरह प्रारंभ किया जाऍ और वैज्ञानिकों का मानना हैं कि की कोरोना छोटे बच्चो जल्दी ही घेर लेता हैं | इसी परेशानी को देखते इस इस साल के शैशिक वर्ष में कुछ बदलाव करना अनिवार्य हैं क्यों कि
एक तरफ हमे जिंदगी भी जीनी हैं और दुसरी तरफ कोरोना से भी लढना हैं | इस बात को देखते हुए मेरे विचार से इस साल का शैशिक वर्ष इस प्रकार होना चाहिए...|
1) इस काल मे जो छोटे शिक्षाअर्थी उन्हें घर पर ही ऑनलाइन शिक्षा दी जाए जिन के पास ऑनलाईन के लिए कुछ साधन नही वह उन्हें उपलब्ध कराए जाएं तथा जब तक कोरोना खत्म नही होगा तब तक स्कूल बंद रखे जाए क्यों कि इन बच्चों को क्यों अपनाए औऱ क्यों नही इस कि सोच नही होती और इस जरिए ऑनलाईन का एक अच्छा उपयोग भी होगा और बच्चों नया और ऑनलाईन के जरिए पढ़ाई करने में उनमें रोचकता और भी बढ़ेगी क्यों कि ऑनलाईन के प्यार में सभी खो गए हैं |
             इसके बाद जो छात्र दसवीं कक्षा के आगे निकल चूँके
के हैं उनके कॉलेज प्रारंभ किए जाए क्यों कि इस इकाई में आनेवाले लग-भग सभी 15-16वर्ष के आस-पास होते हैं तो यह जल्दी ही कही हुई बात  समझेंगे | कहने का मतलब है कि यह कॉलेज में कोरोना के साथ लढाई भी करेगें और पढ़ाई भी करेंगे...
          शिक्षा क्षेत्र के पास ज्यादा भीड़ ना हो तथा कक्षा में छात्रों में विशिष्ट अंतर होना अनिवार्य ही नही तो आवश्यक भी हैं क्यों कि एक -दूसरे से दूरी यही सबसे खास इलाज कोरोना का हैं | ऐसी सूचनाओके फलक जगह -जगहपर लगाए और सभी छात्रों को मास्क अनिवार्य होगा जो छात्र नियमोका पालन नही करेगा इसका जिम्मेदार वह खुद होगा क्यों कि इस इकाई के छात्र समझदार और जिम्मेदारी को जानने वाले होते हैं | नही तो इनको भी ऑनलाईन शिक्षा दी जाए...|
       कहने का मतलब यह हैं कि इस साल के छात्रों को पढ़ाई और लढाई दोनों एक साथ करनी पड़ेगी तभी कुछ हासिल होगा इसी बिछ कुछ लोगो का मानना हैं कि इस साल सभी शैक्षिक काम-काज बंद ही रहे मगर मेरा मानना हैं कि यदी हम कोरोना से प्रतिबंध करते भी पढ़ाई कर सकते हैं इसके लिए जो भी नियम हैं उसका पालन करे मास्क का उपयोग करे , किसी भी दोस्त को हाथ मिलाने से अच्छा हाथ जोड़कर प्रणाम करे, घर आने पर गुनगुने पानी से हाथ मूहँ अछि तरहाँ धोए हो सके शाम को भी स्नान करें और बार- बार अपने मूहँ को तथा आँखों और अंग के किसी भी हिस्से को हाथ से स्पर्श ना करे करने से पूरक का सेनिटाइजर उपयोग अवश्य करे क्यों कि क्यों कि हमे लढाई और पढ़ाई दोनों एक साथ करनी हैं...

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