होली का बहाना हैं holi ka bhana hai

मारोती गंगासागरे

 होली का बहाना हैं

आओ चलो मिलले
होली का बहाना है
मिलकर रंग गुलाल उड़ाएँगे
द्वेष, कलेश मिटाएंगे
जाती - पाती नष्ट कर
एकता के रंग में रंग जाएँगे
प्रेम रंग बरसाकर
मानवता धर्म सजाएँगे
आओ चलो मिलले होली का बहाना है
इसी बहाने खत्म हो जाएगी
दिल से दिल की दूरियाँ
नैन तृप्त हो जाएंगे
देख तुम्हारी सरोज छवि
आओ चलो मिलके प्रेम
रंग बरसाएंगे ,नया अनोखा
गुलाल उड़ाकर एकता में
मिल जाएंगे...
इस पावन होली की आग में
सभी नीतियाँ जलाएँगे
ना हो आज से कोई जाती
ना हो आज से कोई अलग
चलो आज हम मिलकर
दुनियाँ को एकता का
संदेश दिकगाएँगे
आओ अब तो बहुत हो गया है
हाथ मे हाथ मिलाएँगे
प्रेम रंग क्या है यह
यह मिलकर सबको बताएंगे
आओ चलो मिलले होली का बहाना है

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