क्या करोगे

जब सें शुरू हुयी है जिंदगानी
तब सें ऑखों मेरे पानी
अब तुम ही बताओं
सुनकर क्या करोगें मेरी कहानी
       जिसके साथ किया था
     शुरू सफर जिंदगी का
     वही छोड चला दूनीयॉ दारी
     अब तुम ही बताओं कैसें बताऊँ मैं मेरी कहानी
बताऊँ तों  ऑखों में पानी आ जाता
इंन्कार करूँ तों तूम रूठ जातें
सुनकर थोडी सी इंन्सानीयत ही
दिखाओगें ,बोलों और क्या करोगें
                             मारोती गंगासागरे..

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