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मेरी हिंदी भाषा

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  मारोती गंगासागरे दो वर्णो से बनी है      मेरी हिंदी भाषा    यहॉ के कण - कण मे   विराज मान है मेरी भाषा बिना सिखे ही बोल सकता है जन मेरी हिंदी भाषा         ऐसे ही दो वर्णो से बनी है          मेरी भाषा         अन पढ तो बोलता है          पढा लिखा तो अजमाकर छोडता है         पशु पंछी भी बोल सकते है         मेरी हिंदी भाषा    ऐसे ही दो वर्णो से बनी है    मेरी हिंदी भाषा....

क्या है प्यार....

मारोती गंगासागरे नाही देखा हैं नाही जान है फिर भी तुम्हें दिखते है यार इसीको कहते हम प्यार                       तेरेही खयालो में खोए रहते है यार                       आपने -आपसे जादा तुम्हे                      पसंद करते है यार                      इसी को कहते है प्यार          रात - दिन तेरेही         ख्यालो में खोए रहते है हम       याद तेरी जब भी आती है       दिल को धडकालेते है हम       इसीको कहते है प्यार हम